9 May 2021
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लद्दाख में मरे सैनिकों की संख्‍या छिपा रहा चीन

लद्दाख में भारतीय सैनिकों के हाथों मुंहतोड़ जवाब पाने के बाद अब चीनी ड्रैगन अपने हताहत सैनिकों की संख्‍या छिपाने में जुट गया है। चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स के संपादक हू शिजिन ने कहा कि गलवान वैली में चीन के सैनिक भी हताहत हुए हैं लेकिन मैं अभी सैनिकों की संख्‍या की पुष्टि नहीं कर सकता हूं। चीन की ओर से अपने सैनिकों के हताहत होने पर भी अभी कोई बयान नहीं आया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि भारत के सैनिकों ने दो बार नियंत्रण को पार करके उसके सैनिकों पर हमला किया।

ग्‍लोबल टाइम्‍स के संपादक हू शिजिन ने कहा, ‘जितना मैं जानता हूं, चीन के पक्ष से भी लोग गलवान वैली में हुए शारीरिक संघर्ष में हताहत हुए हैं। मैं भारतीय पक्ष को बताना चाहता हूं कि अहंकारी न बनें और न ही चीन के संयम को हमारी कमजोरी न समझें। चीन भारत के साथ संघर्ष नहीं चाहता है लेकिन हम उससे डरते भी नहीं हैं।’

उधर, चीन के विदेश मंत्रालय से जब भारतीय जवानों की शहादत के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि भारत एकतरफा कार्रवाई न करे या समस्‍या को न भड़काए। चीन ने दावा किया कि भारत के सैनिकों ने सीमा को पार किया और चीनी जवानों पर हमला किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘भारतीय सैनिकों ने दो बार सीमा पार करके चीनी सैनिकों के खिलाफ उकसावे वाली कार्रवाई की जो दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के खिलाफ है।’

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ ल‍िजिन ने कहा, ‘भारतीय सैनिकों की कार्रवाई की वजह से दोनों ही पक्षों के बीच गंभीर शारीरिक संघर्ष हुआ। चीन ने भारतीय पक्ष से इस पर आपत्ति जताई है। हमने भारत से अनुरोध किया है कि वह अपने सैनिकों पर सीमा को पार करने पर कड़ाई से नियंत्रण रखे या एकतरफा कार्रवाई करने से बचे जो सीमा की स्थिति को और ज्‍यादा जटिल बना सकता है।’

बताया जा रहा है कि इस झड़प में भारत ने एक अधिकारी और दो जवानों के साथ चीन के भी कई जवान हताहत हुए हैं। इस घटना के बाद पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद, दोनों सेनाओं के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश में लगे हुए हैं।

1975 के बाद चली गोली?
भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी गोली 1975 में चली थी। जैसी खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक गलवान घाटी में करीब 40 साल बाद यह सिलसिला टूट गया है। गलवान घाटी उन पॉइंट्स में है जहां चीन की सेना ने घुसपैठ की थी। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद, चीनी सेना कुछ पॉइंट्स से वापस हटने लगी थी। मगर इस घटना के बाद, सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।

चीन ने पैदा किया है LAC पर तनाव
मई के शुरुआती दिनों में चीनी सैनिकों ने LAC पर आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया। पूर्वी लद्दाख में चार जगहों पर पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने घुसपैठ की। बड़ी संख्‍या में चीनी सैनिक आर्टिलरी और बख्‍तरबंद गाड़‍ियों के साथ LAC के पास मौजूद हैं। गलवान घाटी और पैंगोंग झील, दो मुख्‍य पॉइंट हैं जहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।

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