22 September 2021
Home - खेल - पैरा गेम्स में अपमान का आरोप झूठा? मांगी माफी

पैरा गेम्स में अपमान का आरोप झूठा? मांगी माफी

नई दिल्ली

जकार्ता में हाल में संपन्न हुए एशियन पैरालिंपिक गेम्स से पहले भारतीय टीम के तथाकथित अपमान के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। इसकी वजह है वहां गए भारतीय दल के प्रमुख गुरशरण सिंह का वह माफीनामा, जो अब लीक हुआ है। आयोजनकर्ताओं को 2 अक्टूबर को लिखे पत्र में गुरुशरण सिंह ने भारतीय मीडिया में खिलाड़ियों के अपमान के बारे छपी रिपोर्ट पर खेद जताया है और कहा कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी, जबकि ये रिपोर्ट्स उनके बयान के आधार पर ही छपी थीं।

दरअसल, जब भारतीय दल टूर्नमेंट में हिस्सा लेने के लिए 1 अक्टूबर को जकार्ता पहुंचा था तो रिपोर्ट आई कि खेल मंत्रालय द्वारा समय पर एंट्री फीस नहीं भरे जाने की वजह से उन्हें खेल गांव में नहीं घुसने दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि बाद में पैरालिंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के 4 अक्टूबर तक जरूरी पैसा जमा कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद इन ऐथलीट्स को एंट्री मिल सकी।

गुरशरण सिंह, जो कि पीसीआई उपाध्यक्ष भी हैं, ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया था, ‘खेल गांव में हर देश को अपने ऐथलीट के रहने के लिए पैसे चुकाने होते हैं। हमें करीब 300 के दल के लिए 2.5 लाख यूएस डॉलर देना है। हम यहां बिना फंड के आ गए थे और इसलिए ऐसी समस्या हुई। हमें यह बताना पड़ा कि हम 4 अक्टूबर तक पैसे चुका देंगे। अगर हम ऐसा नहीं कर सके तो हमें खेल गांव को खाली करना होगा।’ हालांकि, उस समय मीडिया रिपोर्ट्स में खेल अधिकारियों के हवाले से यह भी बताया गया था कि पीसीआई की ओर देर से प्रस्ताव आया और उसके बाद लिस्ट फाइनल करने में कुछ समय लग गया।

बताया जा रहा है कि भारतीय मीडिया की रिपोर्ट पर जकार्ता में आयोजनकर्ताओं ने गुरशरण सिंह से सफाई मांगी, जिसपर उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि मीडिया में आई रिपोर्ट तथ्य पर आधारित नहीं हैं और वह मोटे तौर पर भारतीयों को ध्यान में रखकर लिखी गई हैं।

सफाई में लिखे गए पत्र में उन्होंने आगे लिखा है, ‘इस टूर्नमेंट में मैं भारतीय दल के प्रमुख होने के नाते यह स्पष्ट करता हूं कि जकार्ता में आयोजन समिति की ओर से हमें पूरा सहयोग और समर्थन मिला। 2 अक्टूबर को भारतीय मीडिया में जो भी खबरें आईं है, हमारे साथ वैसी कोई समस्या नहीं हुई। पैरा गेम्स विलेज में भारतीय दल को बिना किसी व्यावधान के एंट्री मिल गई’

वैसे, जकार्ता में आोयजन समिति को लिखे पत्र में वह जिन रिपोर्ट्स का खंडन कर रहे हैं वे रिपोर्ट्स उनके बयान के आधार पर ही भारत में छपी थीं। सवाल यह भी उठता है कि अगर भारतीय दल को खेल गांव में एंट्री पाने में कोई दिक्कत नहीं हुई थी तो उन्होंने एक अक्टूबर को यह बयान क्यों दिया कि फीस नहीं चुकाने की वजह से हमें एंट्री के लिए काफी इंतजार करना पड़ा।

हाल के सालों में भारतीय पैरालिंपिक खिलाड़ियों के प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सुधार हुआ है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि खिलाड़ियों को अब सामान्य खिलाड़ियों की तरह ही एक्सपोजर मिल रहा है और उनके ट्रेनिंग सेशन भी नियमित तौर पर आयोजित किए जा रहे हैं। यह नहीं, बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पैरा खिलाड़ियों के मेडल जीतने पर अब सरकार की ओर से उतनी ही राशि मिलती है, जितनी सामान्य खिलाड़ियों को उसी स्तर के टूर्नमेंट में मेडल जीतने पर मिलती है। जकार्ता पैरा एशियन गेम्स में भारत को 72 मेडल मिले, जिसमें 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 33 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। यह पैरा एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन है।

MPeNews has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism. Considered as one of the most efficacious media vehicles in Madhya Pradesh, and enjoying a reader base that has grown substantially over the years. Read Breaking News and Top Headline of Madhya Pradesh in Hindi. MPeNews serve news of all major cities like: Indore, Bhopal, Gwalior, Jabalpur, Reva. MP News in Hindi, Madhya Pradesh News in Hindi, MP News Indore, MP News Bhopal, Indore News in Hindi, Bhopal News in Hindi.