
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘वीडियो कांड’ से हड़कंप, NCP नेता और मंत्री नरहरि झिरवाल के इस्तीफे की मांग तेज, विपक्ष ने घेरा
महाराष्ट्र की राजनीति में एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री नरहरि झिरवाल पर विपक्ष ने अश्लीलता और अनैतिकता के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर एक ट्रांसपर्सन (किन्नर) के साथ उनका वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री से उन्हें तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला? कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यह वीडियो मंत्री के आधिकारिक आवास का है, जिसमें वह एक ट्रांसपर्सन के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। हालांकि, मंत्री नरहरि झिरवाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी साजिश करार दिया है।
'वीडियो डॉक्टर्ड और ब्लैकमेलिंग की साजिश' एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में झिरवल ने वायरल वीडियो को पूरी तरह ‘डॉक्टर्ड’ यानी छेड़छाड़ कर तैयार किया गया बताया। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो केवल उन्हें ब्लैकमेल करने के इरादे से लीक किया गया है। झिरवल ने कहा कि वह वीडियो में दिख रहे ट्रांसपर्सन को पिछले पांच वर्षों से जानते हैं, लेकिन इस पूरे मामले के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति है जो ब्लैकमेलिंग कर रहा है। वीडियो में नजर आ रही शराब की बोतलों को लेकर उन्होंने सफाई दी कि वह शराब का सेवन नहीं करते। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक उनसे किसी ने इस्तीफा नहीं मांगा है।
'नैतिक पतन' का आरोप इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे सरकार के भीतर का ‘गैंग वॉर’ करार देते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल आपस में एक-दूसरे को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे राजनीति का ‘नैतिक पतन’ बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से झिरवाल को तत्काल पद से हटाने की मांग की। आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति शर्मा मेनन ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ‘कलयुग’ है, जहां इस तरह के आचरण वाले लोग सत्ता में बने हुए हैं।
पुराने विवादों से भी रहा है नाता नरहरि झिरवाल के लिए यह पहली मुश्किल नहीं है। पिछले महीने ही उनके विभाग (FDA) में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया था, जब मंत्रालय के भीतर ही एक क्लर्क को ₹35,000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। उस दौरान उनके निजी सचिव को भी पद से हटा दिया गया था। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि एक वरिष्ठ मंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए था।