
मिडिल-ईस्ट संकट के चलते सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई
मिडिल-ईस्ट संकट के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाई है। सरकार ने जहां पेट्रोल पर एक्साइड ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, वहीं डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब मिडिल-ईस्ट में जंग के कारण कच्चे तेल के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
केंद्र सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को कुछ राहत तो जरूर मिलेगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों का ट्रेंड अभी भी अस्थिर बना हुआ है। अहम बात यह है कि सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल 3 रुपए प्रति लीडर तक बढ़ा दिए थे।
क्या होगा फायदा मिडिल-ईस्ट में जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर हैं। सरकार के इस फैसले से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। कंपनियों पर लागत का दबाव कम होगा, जिससे उनका मार्जिन बेहतर हो सकता है। कम कीमतों के कारण पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ने की संभावना है, इससे कंपनियों की सेल्स वॉल्यूम भी बढ़ेगी। एक्साइज ड्यूटी घटने से कार्यशील पूंजी पर दबाव घटेगा, जिससे कैश फ्लो मजबूत होगा। सरकार के इस फैसले से रिफाइनिंग और मार्केटिंग बिजनेस सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, तब जबकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो। सरकार के इस फैसले से तेल कंपनियों के शेयर में सकारात्मक रुख देखने को मिलेगा। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट सेक्टर और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ भी मिलेगा।