शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्लाबोल, अमोल में पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, थाने के सामने फोड़ीं बोतलें
जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई बन गया है। पिछले तीन दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण विरोध गुरुवार को उग्र हो गया। अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में शासकीय शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस-आबकारी टीम के बीच जमकर बवाल हुआ। नौबत यहां तक आ गई कि महिलाओं ने लाठी-डंडों से पुलिस जवानों और आबकारी कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया।
बताया जा रहा है कि अमोल गांव में जो शासकीय कलारी संचालित हो रही है, वह सीधे स्कूल, हनुमान मंदिर और अस्पताल के नजदीक है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में तो लाइसेंसी शराब बिकती है, लेकिन शाम होते ही इसकी आड़ में गांव में कच्ची और अवैध शराब की सप्लाई की जाती है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।
अमोलपठा के सरपंच और ग्रामीणों के अनुसार वे पिछले तीन वर्षों से इस दुकान को हटाने के लिए चौकी से लेकर एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय तक दर्जनों ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। प्रशासन की इस अनदेखी से महिलाओं में पहले से ही खासा रोष था, इसी के चलते गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में महिलाएं खुद लाठी-डंडे लेकर दुकान बंद कराने पहुंचीं।
पुलिस को पहले ही इस प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी इसलिए आबकारी विभाग के साथ टीम मौके पर तैनात थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिलाओं ने दुकान हटाने की मांग की, इसी दौरान किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने भीड़ में शामिल कुछ युवकों पर हल्का लाठीचार्ज कर दिया। इसी के साथ महिलाओं का सब्र टूट गया और उन्होंने पुलिस को ही घेरकर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
इसी तरह का आक्रोश भौंती थाना क्षेत्र के मनपुरा में भी देखने को मिला। यहां महिलाओं ने सीधे शासकीय शराब दुकान में धावा बोल दिया और अंदर रखी पेटियों को सड़क पर पटक-पटक कर सैकड़ों बोतलें फोड़ दीं। इसके बाद महिलाओं का जत्था पैदल ही मनपुरा से नयाखेड़ा गांव पहुंचा, जहां अवैध शराब बेची जा रही थी। दुकान संचालक महिलाओं के आने की खबर सुनते ही शटर गिराकर फरार हो गया। गुस्साई महिलाएं वहां से पैदल मार्च करते हुए भौंती थाने पहुंचीं और थाने के मुख्य द्वार के सामने शराब की बोतलें फोड़कर जोरदार नारेबाजी की। महिलाओं का कहना था कि जब तक गांव से शराब पूरी तरह बंद नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवपुरी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने कहा कि सूचना थी कि ग्रामीण ज्ञापन देने आएंगे लेकिन भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्व घुस गए, जिन्होंने महिलाओं को भड़काकर बवाल कराया। वहीं एएसपी आर.डी. प्रजापति ने बताया कि मौके पर अमोलपठा चौकी का बल मौजूद था लेकिन अचानक करीब 200 लोगों की भीड़ उग्र हो गई। कानून को हाथ में लेने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।