TMC का आरोप, ‘BJP नेता ने भीड़ को उकसाया’, आखिर कौन है अभिषेक बनर्जी पर हमले के आरोपी
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद और पार्टी के प्रमुख नेता अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है। अंडे और पत्थर फेंके जाने की इस घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं। TMC ने इसे BJP की सुनियोजित साजिश बताया है, जबकि BJP ने पलटवार करते हुए इसे TMC के अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा करार दिया है। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार कर रही है।
BJP मंडल अध्यक्ष उकसा रहा था भीड़
इस घटना के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस ने सीधे भारतीय जनता पार्टी पर 'इस हमले को प्लान करने का आरोप लगाया है।' TMC ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो फुटेज जारी कर बड़ा दावा किया। पार्टी का कहना है कि 'BJP के मंडल अध्यक्ष अभिजीत बिस्वास खुद उस वक्त मौके पर मौजूद थे और भीड़ को हमले के लिए उकसा रहे थे।' TMC ने हमलावरों की पहचान उजागर करते हुए तस्वीर जारी की है।
TMC का सीधा आरोप है कि यह जनता का गुस्सा नहीं, बल्कि BJP की सोची-समझी साजिश थी। अभिषेक बनर्जी आरोप लगाते हुए कहा 'बीजेपी कार्यकर्ता मुझे जान से मारने की कोशिश कर रहे थे।'
मालवीय ने कहा गिरफ्तार लोग TMC के करीबी
BJP ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे TMC के अंदर का ही झगड़ा बताया है। BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते हुए इस पूरी घटना को 'TMC की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा करार दिया।' अमित मालवीय ने दावा किया कि 'पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को भी हिरासत में लिया है या गिरफ्तार किया है, वे सभी TMC की पूर्व विधायक लवली मैत्रा के बेहद करीबी रहे हैं।'
मालवीय ने सवाल उठाया कि यह हमला BJP ने नहीं, बल्कि TMC के ही दूसरे गुट ने अभिषेक बनर्जी की घेराबंदी करने के लिए करवाया है। बीजेपी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा उनकी पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह की घटनाएं स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं हैं। हालांकि यह कई सालों से परेशान स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकता है।'
हेलमेट पहनकर बचाई जान
सोनारपुर जिले में हालात तब बेकाबू हो गए जब TMC सांसद अभिषेक बनर्जी वहां चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए एक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में भीड़ ने उनके पूरे काफिले को घेर लिया। गाड़ी पर अचानक पत्थरों और अंडों की बरसात होने लगी। मौके पर मौजूद लोग लगातार चोर-चोर के नारे लगा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अभिषेक बनर्जी को अपने घेरे में लिया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि हमले से बचने के लिए अभिषेक को गाड़ी के अंदर ही क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा।
बिना शिकायत पुलिस ने दर्ज किया केस
इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद सोनारपुर और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया और उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, शनिवार की पूरी रात अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है। मौके पर बने वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के कई घंटों बाद तक न तो खुद अभिषेक बनर्जी की तरफ से और न ही टीएमसी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने खुद अपने स्तर पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और जांच जारी है।