विश्व जूनियर स्क्वाश खिताब जीतने के बाद अनाहत सिंह की नजरें एशियाई खेलों पर, चुनौती के लिए हैं तैयार
विश्व जूनियर स्क्वाश खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी अनाहत सिंह ने कहा कि वह आगामी एशियाई खेलों में खुद को कमतर नहीं मानती और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का सामना करने को बेताब हैं। जापान में सितंबर अक्तूबर में होने वाले एशियाई खेलों में महिला और पुरुष एकल खिताब जीतने वाले खिलाड़ी को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में सीधे प्रवेश मिलेगा जिसमें स्क्वाश पहली बार खेला जाएगा।
अनाहत ने कहा, हर स्क्वाश खिलाड़ी यह सोचकर खुश है कि ओलंपिक में यह खेल शामिल हो रहा है। किसी स्क्वाश खिलाड़ी ने कभी सोचा नहीं था कि यह मौका मिलेगा क्योंकि यह पहले ओलंपिक का हिस्सा नहीं था। मैं एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना चाहती हूं। अगर ऐसा कर सकी तो स्क्वाश में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय बनूंगी। अगर इस रास्ते नहीं जा पाती हूं तो भी क्वालिफाई करने के तरीके हैं तो ज्यादा दबाव नहीं है।
कोच ग्रेगरी और मेंटोर सौरव को दिया श्रेय
अनाहत ने मानसिक दृढता का श्रेय कोच ग्रेगरी गॉतियेर और मेंटोर सौरव घोषाल को दिया। उन्होंने कहा, मैने दबाव का बेहतर ढंग से सामना करना सीख लिया है। मैं बढ़त बनाने के बावजूद हार रही थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। सौरव के वहां रहने से काफी फायदा मिला। ग्रेग और सौरव ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने पर काफी काम किया।