21 October 2021
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गए राहुल, पूजा के जमाने, नए पैरंट्स चाहते हैं बच्चों के ‘रीमिक्स’ नाम

बॉलिवुड ऐक्टर शाहिद कपूर और मीरा ने हाल ही में अपने बेटे की तस्वीर जारी की है। उनका बेटा देखने में काफी क्यूट है साथ ही उसके नाम को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। शाहिद, मीरा ने अपने बेटे का नाम रखा है जैन। अरैबिक भाषा में इसका मतलब है खूबसूरती या कृपा। शाहिद की तरह आजकल पैरंट्स राहुल या पूजा जैसे बोरिंग नामों के बजाय ऐसे नाम रखना पसंद कर रहे हैं जो जरा हटके हों। नामों के लिए वे सोशल नेटवर्क की मदद ले रहे हैं इसके अलावा कंसल्टेंसीज को बड़ी कीमत भी दे रहे हैं। पैरंट्स ऐसे नाम रखना चाहते हैं जो छोटे, अलग होने के साथ ग्लोबल भी हों। सीऑन (syon), नक्श, कृशिव, नितारा, आदित्री, याजिनी वगैरह ऐसे ही कुछ ऐसी ही नाम हैं। मुंबई बेस्ड बर्थडे पार्टी ऑर्गनाइजर वनिता रॉड्रिग्स ऐसे नामों को ‘रीमिक्स्ड नाम’ कहती हैं। रॉड्रिग्स के एक छोटे क्लाइंट का नाम है कॉरनेल विरेन कुमार वहीं एक और क्लाइंट कृष कृष्ण कुमार के नामकरण संस्कार में उन्होंने फाइव-स्टार गेस्ट्स को भी होस्ट किया। यह नाम ईस्ट और वेस्ट के नामों का मैशअप है जो कि मिड लाइफ क्राइसिस से गुजर रहे दुनियाभर के राहुल और प्रियंका से हटके है।

ऐसे ही कई रीमिक्स नाम बेबीसेंटर इंडिया (Babycenter India) की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं। यहां 2017 के टॉप 100 पॉप्युलर बेबी नेम्स हैं। ये नाम रामानंद सागर से लेकर ट्वाइलाइट तक के दर्शकों को खुश कर देंगे। जैसे- अथर्व, शौर्य, अद्वैत इसके साथ ही जेडन, लियम और नील वैसे ही सिया, काव्या, शिवन्या के साथ एलिजबेथ, एलेनर और गैब्रिएला।

जहां भारतीय नामों में ट्रडिशन और रिलीजन का काफी प्रभाव दिखता है वहीं वेस्टर्न नामों जैक्सन (Jaxon) काफी पॉप्युलर है। इसके अलावा बीते साल फेमिनिन साउंड करने वाले अरैबिक नाम काफी पसंद किए गए जैसे पिछले साल लड़कियों के लिए जारा नाम काफी ट्रेंडिंग था। यह बात बताई बेबीसेंटर की एडिटर डाइएन राय ने। उन्होंने बताया कि पुराने पसंदीदा नामों को मॉडर्नाइज करने का सबसे बढ़िया तरीका है इनके साथ ‘अंश’ जोड़ दिया जाए, जिसका अर्थ होता है हिस्सा। जैसे रेयांश और दिव्यांश। वह बताती हैं कि लड़कियों के लिए पैरंट्स ऐसे नाम चुन रहे हैं जो फेमिनिन साउंड के साथ खत्म होते हैं जैसे रा या वी। इनके उदाहरण हैं मायरा, नूर्वी (नील नितिन मुकेश और उनकी पत्नी रुक्मिणी ने अपनी बेटी का नाम यही रखा है)

कुछ भारतीय मां-बाप ऐसे भी हैं जो बच्चों के नाम को न्यूमेरॉलजी के हिसाब से रखते हैं जिससे बच्चों के नाम की स्पेलिंग में हेर-फेर कर देते हैं। वहीं बेबीसेंटर की लिस्ट में अमेरिकन नामों की बात करें तो यहां नायला और ऐवा जैसे नाम पसंद किए जा रहे हैं जो कि छोटे हैं और कपकेक में भी फिट हो सकते हैं।

चेन्नई बेस्ड नेमिंग कंसल्टेंसी से अनंता नारायण बताते हैं कि छोटे और अलग तरह के नामों की मांग ने एक नया मार्केट खड़ा कर दिया। उनसे अक्सर ऐसे नए पैरंट्स मिलते हैं जो वेबसाइट और किताबों से थक चुके हैं और ‘कंट्री न्यूट्रल’ हों। वे ऐसे नाम चाहते हैं जो उनके रिलीजन और कल्चर की पहचान न उजागर करे। वह बताते हैं, ‘लोग छोटे और ऐसे नाम पसंद कर रहे हैं जो ग्लोबली चल जाएं। जैसे कि नील।’ नारायण को यह बात भी महसूस हुई कि साउथ इंडियंस ग्रैंडपैरंट्स के नाम पर नाम रखने की प्रथा भी खत्म कर रहे हैं।

वह बताते हैं, ‘भारतीय खुद को मॉडर्न दिखाने की कोशिश करते हैं लेकिन न्यूमेरॉलजी का सहारा भी लेते हैं।’ थाणे में नामविद्या नाम का स्टार्टअप भी है जहां पैरंट्स अपने बच्चे के नाम को न्यूमेरॉलजी के आधार पर चेक कर सकते हैं। यह फ्री सुविधा है। पैरंटिंग वेबसाइट मॉमजंक्शन के सोशल मीडिया ग्रुप्स और वेबसाइट पर कई नई मांएं बच्चों के नामों के लिए सजेशन मांगती हैं। मॉमजंक्शन की चीफ एडिटर भावना बताती हैं कि सिलेब्स पहले की अपेक्षा अब लोगों को ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं।

शायद इसी से पता चलता है कि ऐक्ट्रेस तारा शर्मा जो कि मल्टी-प्लैटफॉर्म पैरंटिंग शो चला रही हैं उन्होंने अपने बच्चों का नाम जेन (9) और काई (7) रखे हैं। उन्हें पता चला कि इसके बाद कई लोगों ने अपने बच्चों के ये नाम रखे। तारा शर्मा बताती हैं कि जेन संस्कृत का शब्द है जिसका मतलब है ध्यान (मेडिटेशन) वहीं काई के कई भाषाओं में अलग-अलग मतलब है जिनमें से एक मतलब खुश भी है।

मुंबई बेस्ड ऐस्ट्रॉलजर विपुल सक्सेना के मुताबिक, इस साल सायना, लिएंडर, आलिया जैसे नामों की डिमांड भी रही। इसे देख कहा जा सकता है सिलेब्स और स्पोर्ट्सपर्संस के नामों के प्रति रुझान बढ़ रहा है लेकिन यह ट्रेंड टियर-2 टाउंस में है।इंटर-कम्युनिटी शादियों के बढ़ने से एक चलन बढ़ रहा है जिसे बेबीसेंटर इंडिया के मुताबिक ‘कॉम्बिनेशन नेम्स’ कहा जा रहा है। इस तरह से शौर्य और आन्या मिलकर शिवन्या, शरण्या या यश वहीं सिद्धेश और कविता मिलकर विदांश, वितेश और कवीश नाम बन रहे हैं।

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